बुशमैन जनजाति

बुशमैन जनजाति

 बुशमैन जनजाति 


 बुशमैन जनजाति -    यह जनजाति ’निग्रीटो’ प्रजाति से सम्बन्धित है।

1. शारिरीक संरचना- यह लोग नाटे कद के होते है। इनके जबडे मोटे और बाहर निकले हुए होते है। इनकी आँखे चैडी नही होती।

2. निवास क्षेत्र- यह जनजाति अफ्रीका के कालाहारी मरुस्थल मे निवास करती है। यह जनजाति अफ्रीका महाद्विप मे 180 दक्षिणी अक्षांश से 240 दक्षिणी अक्षांश के मध्य ’बेचुआनालैण्ड’ मे स्थित है।बुशमैन के निवास क्षेत्रो मे घास के मैदान व कटिली (काटेदार) झाडिया पायी जाती है।

3. आर्थिक क्रिया-कलाप -

  • आखेट-      यह मूल रूप से आखेटक है। ये तीर कमान व भाले से शिकार करते है। यह बडे शिकार को जाल मे फँसाने के लिए विभिन्न तरीके काम मे लेते है। जैसे- शिकार को कीचड मे धंसाकर, फंदो मे फसाकर, गड्डो मे गिराकर व विषाक्त जल पिलाकर शिकार करते है। यह लोग जन्तुओ कि आवाज निकालने मे निपुण होते है। 
  • भोजन-        बुशमैन सर्वभक्षी होते है। शिकार, मछली, पौधो की जडे, बैरी तथा शहद इनके भोजन के मुख्य अंग है। दिमक, चीटिया और उनके अण्डे इनके प्रिय भोजन प्रदार्थ है।
  • वस्त्र     पुरूष तिकानी लंगोट पहनते है। स्त्रियो के वस्त्रो मे सर्वाधिक महत्वपूर्ण वस्त्र चांेगा होता है जिसे स्थानीय भाषा मे ’क्रोस’ कहा जाता है। इसी क्रोस मे स्त्रिया अपने शिशु एंव संग्रहित वस्तु लपेट कर लाती है। यह चमडे कि टोपी व जुते भी काम मे लेते है। 
  • निवास गृह-      यह चट्टानी गुफाओ मे रहते है। यह खुले मे कडी टहनियो, घास व जानवरो की खाल से गुम्बदाकार झोपडी बनाते है। 
  • औजार व बर्तन-     तीर-कमान, नुकीला डंडा, भाला, बर्छा, अग्निदण्ड इनके प्रमुख औजार है। यह शुतुरमुर्ग के अण्डो का प्रयोग जल रखने मे करते है। हिरण कि खाल कि थैली व लकडी के प्याले अन्य बर्तन है।

4. समाज व संस्कृति- बुशमैन लोगों का एक छोटा-सा दल होता है। यह लोग जादू-टोना तथा भूत-प्रेत मे विश्वास करते है। बुशमैन 2 भगवानो पर विश्वास करते है- एक जो पूर्व मे रहता है तथा दूसरा जो पश्चिम मे रहता है। ओझा इन्हे बीमारियो व प्रेतात्माओ से बचाता है।


5. वातावरण समायोजन- यह थोडा सामान कम बच्चे तथा अपने सामान के बँटवारे के कारण यह लोग घुमते रहते है। अकाल के समय स्त्रियाँ गर्भधारण करना बंद कर देती है। शिकार करते समय शिकार किए जाने वाले पशुओ कि जातियो की मादा व अल्प वयस्को को हानि नही पहुंचाते है। यह अग्नि जलाने के लिए कम से कम ईधन का प्रयोग करते है।


6. आधुनिक संस्कृति से सम्पर्क- वर्तमान मे इस जनजाति लोगो कि जीवन शैली पर बाह्म संस्कृति का प्रभाव पड रहा है। वर्तमान मे यह आखेट के साथ-साथ आदिम निर्वाह कृषि करते है। यह स्थानीय व्यापारियो के साथ वस्तुओ का विनिमय भी करते है। तथा बाह्म संस्कृति के प्रभाव से इनके पहनावे मे भी बदलाव आया है।



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